प्रदूषण आज के समय की सब से गंभीर समस्या बन गया है, जिसकी वजह से आज दुनिया मे लाखों लोग प्रभावित हुए है। आज के समय में प्रदूषण के प्रति गंभीरता बढ़ाने और ज़्यादा जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रदूषण पे निबंध लिखने को दिया जाता है। इस लिए स्कूल के बच्चों को मदद करने के हेतु से हमने प्रदूषण के बारे में निबंध यहां 150, 250, 600 अलग अलग शब्द सीमा में उपलब्ध किया है, ताकि विद्यार्थी अपनी जरूरत के अनुसार लिख पाए।

Essay on Women Education in Hindi Language in 150, 250, 600 Words.

प्रदूषण पर निबंध 150 शब्द (Essay On Pollution In Hindi 150 Words)

जब जहरीले प्रदार्थ और तत्व हमारे आसपास के वातावरण में दाख़िल हो कर अशुद्ध बनाते है, उस प्रक्रिया और परिस्थिति को प्रदूषण कहते है। प्रदूषण हमारे आसपास के वातावरण को ख़राब कर देता है, जिसकी वजह से कई सारी शारीरिक और मानसिक बीमारियां फैलती है।

प्रदूषण मनुष्यों द्वारा की गई कई सारी गतिविधियों की वजह से बढ़ता जा रहा है, मनुष्य अपनी गतिविधियों से सिर्फ पर्यावरण का ही नहीं बल्कि भूमि, आवाज़, लाइट वगैरह का भी प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। प्रदूषण को बढ़ाने के साथ साथ मनुष्य जंगलों को काटता रहता है, जिसकी वजह से प्रदूषण का बहुत ही बुरा असर हमें भुगतना पड़ता है।

प्रदूषण को कम करने के लिए हमें कम स कम वाहनों का इस्तेमाल करना चाहिये, हमें उद्योगों से निकलने वाले पाणी को हमें ज्यादा से ज्यादा शुद्धिकरण करके नदियों और तालाबों में डालना चाहिए, जंगल के कम हो रहे विस्तार पर हमें रोक लगनी चाहिए और ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए।

प्रदूषण पर निबंध 250 शब्द (Essay On Pollution In Hindi 250 Words)

प्रस्तावना

जब हमारे हमारे वातावरण में कुछ जहरीले और हानिकारक प्रदार्थ और तत्व मिलकर वातावरण को अशुद्ध बनाते है, उस प्रक्रिया को और परिस्थिति को प्रदूषित कहा जाता है। प्रदूषण पृथ्वी पर स्थित सभी प्राणी, वनस्पति, जंतुओं के लिए नुकसानदेह है, प्रदूषण से हमारे पर्यावरण पर भी बहुत ही विपरीत असर होता है।

दुनिया में बढ़ रहे औद्योगीकरण की वजह से प्रदूषण की मात्रा बहुत तेजी से बढ़ रही है, जोकि अपने आप में एक बहुत ही बड़ा चिंता का विषय है।

प्रदूषण के प्रकार तथा कारण

प्रदूषण कई तरह का होता है, जैसे कि,

  1. वायु प्रदूषण
  2. जल प्रदूषण
  3. ध्वनि प्रदूषण
  4. प्रकाश का प्रदूषण
  5. रेडियो धर्मी प्रदूषण वगैरह

दुनिया में बढ़ रहे औद्योगीकरण के साथ साथ प्रदूषण में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, कारख़ानों तथा वाहनों में से निकल ने वाले धुओं और आवाज की वजह से वायु और ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है।  वस्तुओं की कीमतें कम करने और ज्यादा मुनाफा कमाने के इरादों से कई कंपनियां कारख़ानों में से निकल ने वाले प्रदूषित पानी का योग्य निकल नहीं करती। कंपनियां वहीं प्रदूषित पानी वो ज़मीन में उतारते है या फिर नदी या तालाब में डालते है, जिसकी वजह से पानी के मूल स्रोत जैसे कि नदी, तालाब और भूजल प्रदूषित होते है।

निष्कर्ष

पर्यावरण के प्रदूषित होने की वजह से हमें और पृथ्वी पर स्थित सभी प्राणि और पक्षियों को बहुत बड़ा नुकसान भुगतना पड़ता है। इसलिए हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि हम कुदरत का रक्षण करे और ज्यादा से ज्यादा पेड़ उगाये तथा ऐसी वस्तुएँ कम से कम इस्तेमाल करे जिससे प्रदूषण होता हो।

प्रदूषण पर निबंध 600 शब्द (Essay On Pollution In Hindi 600 Words)

प्रस्तावना

आज के समय मे प्रदूषण पर्यावरण के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बनकर सामने आया है, प्रदूषण की वजह से पृथ्वी पर रहने वाले सभी मनुष्यों, प्राणियों, पक्षियों और जीव जंतुओं को नुकसान हो रहा है। प्रदूषण का मतलब होता है जहरीले और हानिकारक तत्वों और प्रदार्थो का वातावरण में मिलकर अशुद्ध करना।

प्रदूषण बढ़ने के साथ साथ हम लोग जंगल जोकि हवा को शुद्ध और पर्यावरण को अनुकूल बनाने का काम करते है, उन्हें पहले से बहुत ही ज्यादा गति से काट रहे है और वातावरण को खराब कर रहे है।

प्रदूष के प्रकार तथा कारण

प्रदूषण कई तरह का होता है, जैसे कि,

1. वायु प्रदूषण

वायु जीवन के लिए एक मत्वपूर्ण स्त्रोत है, वायु के बिना जीवन किसी भी तरीके से संभव नहीं है। लेकिन विविध छोटे बड़े कारखाने और वाहनो में से निकल रहे धुंए की वजह से वातावरण में जहरीले गैस जैसी की कार्बन मोनोक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड वगैरह मिलते है, जिसकी वजह से वायु प्रदूषित होता है और श्वास लेने में तकलीफ खड़ी होती है। उसके साथ वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से ग्रीन हाउस असर के कारण पृथ्वी का तापमान धीरे धीरे बढ़ने लगा है।

2. जल प्रदूषण

कारखाने और घरों का ख़राब पानी किसी भी तरह के पूर्व आयोजन और प्रक्रिया किये बिना ही जल स्रोत जैसे कि तालाब, नदी वगैरह में डाला जाता है, जिसकी वजह से जल प्रदूषण होता है। जल प्रदूषण से कई सारी गंभीर बीमारी या फैलती है और साथ ही जल प्रदूषण की वजह से मछलियाँ और कई सारे और जंतु और प्राणी जोकि पानी के अंदर रहते है उनको हानि पहुंचती है।

3. ध्वनि प्रदूषण

शहरों में बढ़ रहे वाहन और कारख़ानों से निकल ने वाली आवाजे और बिना वजह बड़े बजाए जाने वाले स्पीकर्स की वजह से ध्वनि के प्रदूषण में बहुत ही बढ़ोतरी होती है। ध्वनि प्रदूषण की वजह से श्रवण तंत्र को नुकसान होता है और साथ ही ज्यादा ध्वनि प्रदूषण की वजह से मानसिक अशांति में भी बढ़ोतरी होती है।

4. प्रकाश का प्रदूषण

शहरों तथा गांव में बढ़ रहे बिन जरूरी लाइट के इस्तेमाल की वजह से प्रकाश का प्रदूषण होता है, प्रकाश का प्रदूषण सुन ने में बहुत गंभीर समस्या नही लगती पर प्रकाश का प्रदूषण वायु और जल प्रदूषण जितनी ही गंभीर समस्या बन चुका है।

प्रकाश के प्रदूषण की वजह से प्राणियों और पक्षियों की नींद की प्रणाली में गड़बड़ी होती है, जोकि उनकी उनकी दिशा को पहचान ने की शक्ति कम करता है। उसके साथ साथ प्रकाश के प्रदूषण से मनुष्य की नींद लेने की प्रणाली को भी असर करता है, जोकि मनुष्य के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुचता है।

5. रेडियोधर्मी प्रदूषण

आज दुनिया में ज्यादातर देश बिजली उत्पन्न करने के पुराने तरीके छोड़कर परमाणु शक्ति का इस्तेमाल कर बिजली उत्पन्न करते है, जोकि वायु प्रदूषण कम करने में मदद रूप होता है। लेकिन परमाणु शक्ति से बिजली उत्पन्न करने के लिए रेडियोधर्मी प्रदार्थो का इस्तेमाल होता है और यह प्रदार्थ एक बार पूरे इस्तेमाल हो जाने के बाद भी रेडियोधर्मी प्रदूषण फैलाते है, जोकि बहुत ही नुक़सानदेह होता है। रेडियोधर्मी प्रदूषण की वजह से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ होती है और साथ में वो इंसान की आनुवंशिकी पर भी बुरा असर होता है।

रेडियोधर्मी प्रदूषण की कई बड़ी घटनाएँ पहले हमें देखने मिल चुकी है, जिसमें कई सारे लोगो ने अपनी जाने खोदी थी। पहले की घटनाओं को देखते हुए सभी देशों की सरकारें कोई दुर्घटना ना हो इसलिए निवारक उपाय ले रही है, लेकिन रेडियोधर्मी प्रदूषण एक बहुत ही खतरनाक और गंभीर मुद्दा है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

पृथ्वी का पर्यावरण यहां पर स्थित जीवन बना ये रखने के लिए बहुत ही जरूरी है लेकिन बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से पर्यावरण के लिए खतरा बढ़ रहा है। प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए हमें पहले जंगलों की कटाई कम करनी होंगी और ज्यादा से ज्यादा नए पेड़ लगाने होंगे।