11 दिसम्बर 1988 के दिन गुजरात और बॉम्बे (मुंबई) का रणजी ट्रॉफी का मैच चल रहा था और उस मैच में एक 15 साल के बच्चे ने 100 रन बनाए, जोकि दुनिया में सब से कम उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बना ये जाने वाले सब से ज्यादा रन थे। उसके बाद उस बच्चे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए चुना जाता है और फिर वो 14 नवम्बर 2013 तक अंतरराष्ट्रीय खेलता और इतने ख़िताब अपने नाम करता है कि कोई क्रिकेटर उसको तोड़ ना पाए। यह क्रिकेटर और कोई नहीं पर पूरे भारत के चहेते सचिन तेंदुलकर है, जोकि क्रिकेट के भगवान के नाम से भी जाने जाते है।

सचिन तेंदुलकर जीवनी – Sachin Tendulkar Biography

पूरा नाम : सचिन रमेश तेंदुलकर
जन्म दिनांक : 25 अप्रैल, 1973
जन्मस्थान : मुबई, भारत
पिता का नाम : रमेश तेंदुलकर
माता का नाम : रजनी तेंदुलकर
पत्नी का नाम : अंजलि तेंदुलकर
संतान : सारा और अर्जुन
बल्लेबाज़ी की शैली : दाये हाथ
गेंदबाजी की शैली : दाये हाथ लेग स्पिन, माध्यम गति
सम्मान और पुरस्कार : भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म श्री, राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार

सचिन तेंदुलकर का प्रारंभिक जीवन (Early Life Of Sachin Tendulkar)

सचिन का जन्म 24 अप्रैल, 1973 को दादर के निर्मला नर्सिंग होम में एक महाराष्ट्रियन परिवार में हुआ था। सचिन के पिता संगीतकार सचिन देव बर्मन के बड़े चहक थे, इस लिए उन्हों ने अपने बेटे का नाम सचिन रखा था।

सचिन के पिता एक प्रसिद्ध मराठी नॉवेल लेखक थे और माता एक बीमा कंपनी में एजेंट के तौर पर काम करती थी, सचिन के अलावा घर में 2 भाई और एक बहन थी जिनमें से सचिन सब से छोटे थे।

सचिन बचपन से ही पढ़ाई में मध्यम श्रेणी के विद्यार्थी थे, सचिन ने अपनी प्राथमिक शिक्षा बांद्रा के न्यू इंग्लिश स्कूल में हुईl वहां सचिन का संपर्क क्रिकेट के प्रशिक्षक रमाकांत आचरेकर से हुए, रमाकांत आचरेकर ने सचिन की क्रिकेट में रुचि देखकर मुम्बई के दादर की दूसरी स्कूल में दाखिला करवा दिया ताकि सचिन क्रिकेट का अभ्यास अच्छे से कर पाए। सचिन ने कुछ समय बाद क्रिकेट को अच्छी तरह से सिखने के लिए पढ़ाई छोड़ दी और पूरा समय क्रिकेट में सीखने लगे।

क्रिकेटर के रूप में सचिन का सफर ( Sachin’s Journey As Cricketer)

आचरेकर ने सचिन को सुबह स्कूल के पहले और शाम को स्कूल के बाद क्रिकेट का अभ्यास करवाने लगे, अब सचिन धीरे धीरे कर क्रिकेट में अपनी पकड़ जमा रहे थे। इस लिए उन्हें एम. आर. एफ फाउंडेशन में भेजा गया, ताकि सचिन वहां अच्छी तरह से गेंदबाजी का अभ्यास कर पाए। वहां सचिन की बल्लेबाजी देखकर ऑस्ट्रेलिया के एक तेज बल्लेबाज डेनिस लिल्ली जिन्हों ने 355 से भी ज्यादा टेस्ट मैच विकेट लिए है, उन्हों ने सचिन को कहां कि वो बल्लेबाजी पर ज्यादा ध्यान दे और फिर सचिन ने बल्लेबाजी सीखने में अपनी जान डाल दी।

सन 1988 में 15 साल की उम्र में सचिन ने अपनी साथी विनोद कांबली के साथ मिलकर हारेस शील्ड मुकाबले में 664 की भागीदारी बनाई थी, जिसमे सचिन ने अपनी प्रतिभा दिखाते हुए 320 रनों की एक बड़ी पारी खेली थी।

उसके बाद कुछ घरेलू मैचों में सचिन ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया, बॉम्बे और गुजरात के बीच हुए एक घरेलू मैच में सचिन ने 100 रन बनाए थे और 15 साल को कम उम्र में प्रथम श्रेणी मैच में 100 करने वाले सचिन पहले क्रिकेट बने। सचिन के यह बढ़िया प्रदर्शन की वजह से भारत के उस वक्त के वरिष्ठ क्रिकेटर उनसे प्रभावित हो गए थे, जिसकी वजह से सचिन को कुछ ही समय में अंतरराष्ट्रीय टीम में स्थान मिल गया।

सन 1989 में सचिन ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की शुरुआत की कुछ मैच में सचिन का प्रदर्शन खास नही रहा पर वो लोगो का दिल जीतने में कामयाब रहे। सन 1990 में इंग्लैंड के दौरे में अपने टेस्ट मैच का पहला शतक लगते हुए 119 रन की पारी खेली थी, उसके बात ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के दौरे में भी उनका यहीं प्रदर्शन रहा।

सचिन का यही प्रदर्शन, तकनीक और प्रतिभा की वजह से सचिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो गए, कई बड़े समाचार चैनल और पत्रिकाओं ने सचिन की तुलना सर डॉन ब्रैडमैन से करने लगे और यह बात को समर्थन देते हुए सर डॉन ब्रैडमैन ने सचिन की तारीफ की थी। सचिन की प्रतिभा और बढ़ती हुई प्रसिद्धि को देखते हुए, सचिन को भारत की टीम का कप्तान बनाया गया पर उसका बुरा असर सचिन के खेल में दिखने लगा इस लिए सचिन ने कप्तानी छोड़के पूरा ध्यान खेल में लगाने का निश्चय किया।

सचिन ने अपने क्रिकेट के पूरे सफर में कई सारे रिकॉर्ड बनाए और अपने देश की टीम को कई बार जीत दिलवाई थी, लेकिन बढ़ती हुई उम्र और नई पीढ़ी को मौका देते हुए सचिन ने क्रिकेट से संन्यास लेने का निश्चय किया। अपने निश्चय के चलते सचिन ने 23 दिसम्बर 2012 के दिन वन-डे क्रिकेट और 16 नवम्बर 2013 के दिन टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

सचिन के पूरी क्रिकेट सफर दौरान बनाये गए रन, शतक, अर्ध शतक और उसी दौरान लिए गए विकेट नीचे मुताबिक है :

वन-डे क्रिकेट

कुल मैच : 463
रन : 18426
औसत : 44.83
शतक : 49
अर्ध शतक : 96
विकेट : 155

टेस्ट क्रिकेट

कुल मैच : 200
रन : 15921
औसत : 53.79
शतक : 51
अर्ध शतक : 68
विकेट : 46

24 फ़रवरी 2010 के दिन सचिन ने दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध एक वन-डे मैच में नाबाद 200 रन बनाये थे, जोकि वन-डे क्रिकेट में एक ऐतिहासिक दिन था क्योंकि यह वन-डे क्रिकेट में पहली बार हुआ था कि किसी ने एक ही मैच में 200 रन बनाये हो।

व्यक्तिगत जीवन

24 मई, 1995 के दिन सचिन ने डॉ. अंजलि महेता से शादी की थी, मूल गुजरात की डॉ. अंजलि बालरोग निष्णात है। सचिन और अंजलि दोनो पहली बार एयरपोर्ट पर मिले थे, उस वक्त अंजली को सचिन और क्रिकेट दोनों के बारे में कोई ज्यादा ज्ञान नही था। सचिन और अंजलि के दो बच्चें है, बड़ी बेटी सारा तेंदुलकर और बेटा अर्जुन तेंदुलकर है।

सचिन इतने प्रसिद्ध होने के बावजूद जमीन से जुड़े रहे, अब सचिन अपनालय नाम का एक गैर सरकारी संगठन चलते है जिसके ताह सचिन हर साल 200 बच्चों के पालन पोषण का खर्चा उठाते है।