स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 के दिन बंगाल के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, स्वामी विवेकानंद भारत की आध्यात्मिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण कड़ी थे। स्वामी विवेकानंद ने पश्चिम जगत को भारत की अध्यात्मिकता से अवगत करवाया था। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि भारत की प्रगति में भारत का युवा धन एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है, उसी के चलते उन्होंने कई महत्वपूर्ण बातें कही है।जिनमें से कुछ हमनें इस लेख में आपके सामने पेश की है।

(1)

उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये.

(2)

ब्रह्माण्ड कि सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं. वो हमीं हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है!

Swami Vivekananda Quotes In Hindi

(3)

एक शब्द में, यह आदर्श है कि तुम परमात्मा हो.

(4)

उस व्यक्ति ने अमरत्त्व प्राप्त कर लिया है, जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता.

Swami Vivekananda Quotes In Hindi

(5)

बाहरी  स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप है.

Swami Vivekananda Quotes In Hindi

(6)

जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार  कर लेता है तब वह वास्तविक भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है.

Swami Vivekananda Quotes

(7)

दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो.

Swami Vivekananda Quotes In Hindi

(8)

किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आये – आप सुनिश्चित  हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं.

Swami Vivekananda Quotes In Hindi

(9)

सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चे होना. स्वयं पर विश्वास करो.

(10)

बस वही जीते हैं,जो दूसरों के लिए जीते हैं.

(11)

मस्तिष्क की शक्तियां सूर्य की किरणों  के समान हैं. जब वो केन्द्रित होती हैं; चमक उठती हैं .

(12)

आकांक्षा, अज्ञानता और असमानता – यह बंधन की त्रिमूर्तियां हैं.

(13)

खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है.

Swami Vivekananda Quotes In Hindi

(14)

धन्य हैं वो लोग जिनके शरीर दूसरों की सेवा करने में नष्ट हो जाते हैं.

(15)

जो तुम सोचते हो वो हो जाओगे. यदि तुम खुद को कमजोर सोचते हो , तुम कमजोर हो जाओगे; अगर खुद को ताकतवर सोचते हो, तुम ताकतवर हो जाओगे .

(16)

शारीरिक, बौद्धिक  और आध्यात्मिक रूप से जो कुछ भी कमजोर  बनता है – उसे ज़हर की तरह  त्याग दो.

(17)

शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्यु है. विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु है . प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्यु है .

(18)

स्वतंत्र होने का साहस करो. जहाँ तक तुम्हारे विचार जाते हैं वहां तक  जाने का साहस करो, और उन्हें अपने जीवन में उतारने का साहस करो.

(19)

एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ.

(20)

जिस तरह से विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न धाराएँ अपना जल समुद्र में मिला देती हैं,उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग, चाहे अच्छा हो या बुरा भगवान तक जाता है.